VIDEO: नौकरी के लिए तैयार कर सोनिया और निखिल कमाते हैं करोड़ों, बिजनेस में 250% की ग्रोथ


नौकरी पाने के लिए सिर्फ एकैडेमिक एजुकेशन काफी नहीं होता. अपने प्रोफेशन में एक्सिलेंस हासिल करने के लिए जरूरी स्किल को हासिल करना आज काफी अहम हो गया है. आज हम आपको एक ऐसी ही कंपनी की कहानी बताने जा रहे हैं.

2022 तक भारत एक यंग नेशन होगा यानी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा नौजवान लोग भारत में ही होंगे. और युवाओं की बड़ी संख्या भारत के लिए एक अमूल्य संपदा है. इन्हीं के दम पर भारत महाशक्ति बनेगा. बस इस युवा पीढ़ी को सही मौके और जरूरी स्किलसेट मिल जाए. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, एसएएस, एनालिटिक्स ये टेक्नोलॉजी के कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो लगभग हर सेक्टर में इस्तेमाल हो रहे हैं लेकिन यहां पेशेवर कर्मचारियों की भारी मात्रा में कमी है. और इसी कमी को पूरा कर रहे हैं एजुटेक स्टार्टअप्स. नौकरी हासिल करने के लिए जद्दोजहद करने वाली युवा पीढ़ी को नौकरी मिलने के बाद भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. दरअसल आजकल कामकाज के माहौल में काफी बदलाव आए हैं. नौकरी पाने के लिए सिर्फ एकैडेमिक एजुकेशन काफी नहीं होता. अपने प्रोफेशन में एक्सिलेंस हासिल करने के लिए जरूरी स्किल को हासिल करना आज काफी अहम हो गया है. देश में वर्कफोर्स की कमी नही है इसलिए नौकरी में अपनी छाप छोड़ने के लिए और आगे अच्छी पोजिशन हासिल करने के लिए ऑन द जॉब ट्रेनिंग के बजाय स्किल डेवलप करने के लिए अलग से पढ़ाई करना जरूरी हो गया है. फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में स्किल सेट की कमी को अपनी कॉरपोरेट करियर में नजदीकी से देखा सोनिया आहुजा और निखिल बार्सिकर ने. इस कमी में निखिल को लंबे समय तक चल सके ऐसे बिजनेस की झलक दिखी और 2012 में शुरू हुआ फाइनेंशियल सर्विसेस एंड एनालिटिक्स एड-टेक फर्म इमार्टिकस.
अगर ATM से हुई ये गलती तो बैंक आपको देगा हर दिन 100 रुपये! इमार्टिकस पिछले 5 साल में 30,000 से ज्यादा प्रोफेशनल को ट्रेन कर चुका है. कंपनी की शुरुआत बी2सी प्लेटफॉर्म पर 2 कैटगरीज के कोर्सेस से हुई. प्रो डिग्री और पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स. प्रो डिग्री कोर्स कंपनी ने इंडस्ट्री पार्टनर्स से मिलकर डिजाइन किया है. इसमें स्टूडेंट्स को ब्लॉक चेन, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग और एडवांस्ड एनालिटिक्स जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. ये हैं इस कंपनी द्वारा कराए जा रहे कोर्सेज प्रो डिग्री कोर्स में आईबीएम, एचडीएफसी बैंक, बीएनपी पारिबा, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली, आदित्य बिड़ला ग्रुप, केपीएमजी और एक्सेंचर जैसे बड़े पार्टनर्स शामिल हैं. ये शॉर्ट टर्म कोर्सेस कंपनी 50,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये की रेंज में ऑफर करती है. रोजगार को ध्यान में रखते हुए बना दूसरा कोर्स है पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स इसमें एनालिटिक्स, बैंकिंग, न्यू एज फाइनेंस जैसे स्पेशलाइजेशन किए जा सकते हैं. ये लंबी अवधि के कोर्सेस हैं जिसके लिए कंपनी 3 लाख रुपये तक की फी चार्ज करती है. बी2बी में कंपनी कॉर्पोरेट ट्रेनिंग कोर्सेस ऑफर करती है. (ये भी पढ़ें: न हों परेशान! ऐसे खरीदें सस्ते में पेट्रोल-डीजल, होगी 4800 रुपये की सालाना बचत) अभी इमार्टिकस के देश भर में हैं 10 कैंपस  दोनों फाउंडर्स ने कंपनी में 5 करोड़ रुपये का स्टार्टअप कैपिटल लगाया था. सालाना 200-250 फीसदी की ग्रोथ से कंपनी कम समय में मुनाफे में आ गई. आज इमार्टिकस के देश भर में 10 कैंपस हैं और इस आंकडे को कंपनी 15-18 तक ले जाना चाहती है. कंपनी दुबई, मलेशिया जैसे मार्केट में अपने कदम जमा चुकी है. ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर 10-15 फीसदी स्टूडेंट विदेश के होते हैं. इस पर फोकस करते हुए फाउंडर्स ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ जमाने की कोशिश में जुटे हैं. साथ ही कंपनी प्रोडक्ट डेवलपमेंट की दिशा में भी विस्तार पर काम कर रही है. अगले साल तक इमार्टिकस को 100 करोड़ रुपये के क्लब में ले जाने पर फाउंडर्स आश्वस्त हैं. ये भी पढ़ें:  आधे दाम से इन मार्केट्स से खरीदें बेडशीट-पर्दे और टॉवल, 40-50% मिलता है डिस्काउंट ये हैं टॉप न्यू बिजनेस आइडियाज, शुरू कर के भर लें अपनी जेब  







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