Delhi Pollution Smog Eating Tiles Can Be The Solution Yy | Delhi Pollution: प्रदूषण ‘खाने वाली’ इन टाइल्स से साफ हो सकती है दिल्ली की हवा


Delhi Pollution: प्रदूषण 'खाने वाली' इन टाइल्स से साफ हो सकती है दिल्ली की हवा



भारत के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण हद से ज्यादा बढ़ चुका है. लेकिन अगर राजधानी की बात करें तो दिल्ली में हालात बदतर हो चुके हैं. जहां AQI 50 होना चाहिए, वहां 400 से 500 तक पहुंच जाने के बाद दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है. इससे लड़ने के लिए बहुत से कदम उठाए जा रहे हैं. और सिर्फ भारत ही नहीं बल्की दुनिया के तमाम देश वायु प्रदुषण से लड़ने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं.

दिल्ली की ही तरह मैक्सिको सिटी भी अपने स्मॉग के लिए कुख्यात है. कुछ साल पहले मैक्सिको सिटी में Torre de Especialidades नाम के एक अस्पताल ने
वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया. इस तकनीक में किसी भी इमारत की बाहरी दीवार पर सिर्फ कुछ टाइल लगानी है और ये टाइल्स प्रदूषण कम करने का काम करती हैं.

क्या खासियत है इन टाइल्स की?

Smithsonian की एक रिपोर्ट के अनुसार बर्लिन में स्थित एक आर्किटेक्चर फर्म Elegant Embellishments ने इन्हें बना कर तैयार किया है. इन टाइल्स पर titanium dioxide की परत होती है. ये परत सिर्फ सूरज की किरणें पड़ने से ही सक्रिय होती हैं. जब भी इन टाइल्स पर सूरज की किरणें पड़ती हैं, तब एक रिएक्शन होता है, जिसमें mono-nitrogen oxides टाइल्स से रियेक्ट करके calcium nitrate और पानी में बदल जाते हैं, जो कि सेहत के लिए उतने खराब नहीं हैं. ऐसे कितने ही रिएक्शन हो जाएं, इन टाइल्स की परत पर कोई असर नहीं होता और ये अपना काम करने पर लगी रहती हैं.

mono-nitrogen oxides से क्या नुकसान होते हैं

सांस लेने कि तकलीफ का सबसे बड़ा कारण nitrogen dioxide(NO2) ही है. इसके फेफड़ों में जाने से फेफड़ों की इम्यूनिटी खराब हो जाती है. जिससे सांस में घरघराहट, बलगम, फ्लू और ब्रोंकाइटिस जैसी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है.

इन टाइल्स को बनाने वाले कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि इन टाइल्स के किसी इमारत पर लग जाने से पूरे शहर कि तकलीफ दूर हो जाएगी. लेकिन उस इमारत के आस-पास कि हवा में जरूर सुधार आएगा. मैक्सिको सिटी के अस्पताल कि 100 गज ऊंची दीवार पर इन टाइल्स के लगने से शहर की 55 लाख गाड़ियों में से 1000 गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण से लड़ा जा सकता है.

दिल्ली में ऐसी कई लम्बी इमारतें हैं, जिन पर इन टाइल्स को लगाया जा सकता है. जिससे कहीं ना कहीं प्रदूषण में एक बड़ा फर्क आ सकता है.









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