दो साल में कुमार मंगलम बिड़ला के डूबे 21 हजार करोड़ रुपये, जानिए कैसे?


नई दिल्ली. देश के टेलिकॉम सेक्टर (Telecom Sector) में संकट का असर अब प्रोमोटर्स पर भी देखने को मिल रहा है. वोडाफोन ग्रुप पीएलसी (Vodafone Group Plc.) में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) दूसरे सबसे बड़े निवेशक हैं, लेकिन टेलिकॉम सेक्टर की संकट की वजह से उनकी कुल संपत्ति में करीब 3 अरब डॉलर की कमी आई है. साल 2017 के बाद से अब तक​ कुमार ​मंगलम बिड़ला की संपत्ति करीब एक तिहाई कम हो चुकी है. हालांकि, केमिकल्स, मेटल और सीमेंट के क्षेत्र में उनकी अन्य कंपनियों के शेयरों में ​भी गिरावट आई है, जिसका असर उनकी कुल संपत्ति पर पड़ा है. दो साल घटा बिड़ला का नेटवर्थ-ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire Index) के मुताबिक, बीते दो साल में बिड़ला का नेटवर्थ (K M Birla Networth) 9.1 ​अरब डॉलर से घटकर 6 अरब डॉलर रहा गया है. उनकी कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) से आता है जो उनकी प्रमुख होल्डिंग्स है. पिछले सप्ताह ही वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने सितंबर तिमाही का नतीजा जारी किया है, जिसमें कंपनी को भारी घाटा हुआ है. ये भी पढ़ें: RBI ने जारी की 30 बड़े विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट, यहां देखें नाम

  

 
हिंडाल्को का मुनाफा घटा-इसके अलावा आदित्य बिड़ला ग्रुप की हिस्सेदारी दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमिनियम रोलिंग कंपनी में भी है. एल्युमिनियम और कॉपर बनाने वाली हिंडाल्को (Hindalco) का मुनाफा सितंबर तिमाही में 33 फीसदी घटा है. सितंबर 2017 के बाद से अब तक हिंडाल्को के शेयरों में 31 फीसदी की​ गिरावट आई है, जिससे कंपनी के मार्केट वैल्यू (Hindalco Market Value) में 5.9 अरब डॉलर की कमी आई है. इस दौरान सेंसेक्स (BSE Sensex) में 19 फीसदी की ​तेजी दर्ज की गई है. ​ग्रासिम इंडस्ट्रीज पर भी दबाव-भारत में भी आर्थिक सुस्ती (Economic Slowdown) की वजह से सीमेंट से लेकर केमिकल्स और टेक्सटाइल्स की मांग में कमी आई है. ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries) में भी उनकी हिस्सेदारी है. वोडाफोन आइडिया के लिए परेशानियों का असर ग्रासिम इंडस्ट्रीज पर भी पड़ा है, जिसकी 12 फीसदी की भागीदारी है. ये भी पढ़ें: सर्दियों में रेलवे की खास सर्विस शुरू, ट्रेन लेट होने पर घर बैठे मिलेगा मोबाइल पर अलर्ट

 

  पड़ी दोहरी मार-चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर (Trade War) और वैश्विक आर्थिक सुस्ती (Global Slowdown) की वजह से इंडस्ट्रीज से निकलने वाले कच्चे माल की मांग में कमी आई है. ठीक इसी समय में टेलिकॉम सेक्टर के संकट ने बिड़ला को एक और बड़ा झटका दिया है. हालांकि, पिछले सप्ताह में वोडाफोन के शेयरों में हल्की बढ़त की वजह से कंपनी को फौरी राहत मिली है. वोडाफोन आइडिया पर कर्ज का बोझ-पिछले माह ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वोडाफोन आइडिया को 4 अरब डॉलर का बकाया सरकार को चुकाने का आदेश दिया है. कंपनी पर पहले से ही 14 अरब डॉलर का कर्ज है. साल 2017 के बाद से अब तक वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 90 फीसदी की गिरावट आई, जिसके बाद कंपनी की मार्केट वैल्यू घटकर 2.7 अरब डॉलर हो गई है. ये भी पढ़ें: कर्मचारियों की मिली भगत से सरकारी बैंक में बढ़ रही है धोखाधड़ी, तीन महीने में हुआ 32 हजार करोड़ का फ्रॉड



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