पूर्वोत्तर रेलवे अब यात्रियों को देगा डिस्पोजल बेडरोल, जानें कैसे और कितने में मिलेगी सुविधा…


पूर्वोत्तर रेलवे रेल यात्रियों को ट्रेनों में डिस्पोजल कंबल, चादर और तोलिया आदि मुहैया कराने की तैयारी में है. (File Photo)

पूर्वोत्तर रेलवे रेल यात्रियों को ट्रेनों में डिस्पोजल कंबल, चादर और तोलिया आदि मुहैया कराने की तैयारी में है. (File Photo)

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की सुविधा अगले मार्च माह से मिलने मिलने की संभावना है. गोरखपुर के प्लेटफार्म नंबर 9 के अलावा एक और दो प्लेटफार्म के गेट पर भी डिस्पोजल बेडरोल मुहैया कराने के लिए काउंटर खोले जाएंगे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    February 24, 2021, 6:16 PM IST

नई दिल्ली. नॉर्दन रेलवे (Northern Railway) के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे (North Eastern Railway) भी अपने स्टेशनों पर रेल यात्रियों को ट्रेनों में डिस्पोजल कंबल, चादर और तोलिया आदि मुहैया कराने की तैयारी में जुट गई है. रेल यात्रियों को कोविड महामारी से बचाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे इस पर तेजी से काम कर रही है. फिलहाल अभी रेलवे की ओर से गोरखपुर डिवीजन (Gorakhpur Division) के गोरखपुर जंक्शन पर ही इसकी शुरुआत की जाएगी. इस तरह की सुविधा को निजी हाथों में सौंपा गया है.

बताया जाता है कि आने वाले समय में लखनऊ डिवीज़न के गोरखपुर जंक्शन के अलावा दो अन्य डिवीजनों पर भी इसकी शुरुआत किए जाने की संभावना है. लखनऊ डिवीज़न जो कि पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे दोनों के अंतर्गत आता है. उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले लखनऊ डिवीजन ने पहले ही इस दिशा में शुरुआत कर दी है.

गोरखपुर जंक्शन पर किया जा रहा है काम
इसके अलावा इज्जत नगर और वाराणसी डिवीजन भी पूर्वोत्तर रेलवे जोन के अंतर्गत आता है. अभी फिलहाल अधिकारियों की ओर से पूरे जोन में कब तक इस सुविधा को यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकेगा, अभी तय नहीं बताया है. पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज ने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में बताया कि फिलहाल गोरखपुर जंक्शन (Gorakhpur Junction) पर डिस्पोजल बेडरोल मुहैया कराने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है. इस पर कुछ निविदाएं भी जारी की गई हैं. वहीं उन्होंने बताया कि लखनऊ डिवीजन (Lucknow) इस दिशा में काम कर चुका है. उसके साथ भी लगातार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संपर्क बनाया हुआ है. अभी कुछ कार्य इस दिशा में होना बाकी है.रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की सुविधा अगले मार्च माह से मिलने मिलने की संभावना है. गोरखपुर के प्लेटफार्म नंबर 9 के अलावा एक और दो प्लेटफार्म के गेट पर भी डिस्पोजल बेडरोल मुहैया कराने के लिए काउंटर खोले जाएंगे. इन काउंटरों पर यात्री अपनी सुविधा के मुताबिक कंबल, चादर और तोलिया आदि खरीद सकेंगे.

सैनेटाइजर और मास्क भी करवाया जाएगा मुहैया
साथ ही रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए और गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस के तहत सभी यात्रियों को सैनेटाइजर और मास्क आदि भी मुहैया कराया जाएगा. बताया जाता है कि बेडरोल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो यात्री इनको अपने घर भी ले जा सकते हैं. हालांकि बेड रोल का अलग-अलग संभावित किराया निर्धारित कर दिया गया है. कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 22 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगने के बाद से ट्रेनों का संचालन पूरी तरीके से बंद कर दिया गया था. इसके चलते एसी ट्रेनों में बेडरोल और पर्दे भी हटा लिए गए थे.

डिस्पोजल सामग्री के रेट भी किए जा चुके हैं तय
अधिकारियों की मानें तो डिस्पोजल सामग्री मुहैया कराने के लिए रेट भी निर्धारित कर लिए गए हैं.
चादर कंबल का पूरा सेट लेने पर 250 रूपये देने होंगे. वहीं अगर चादर ली जाती है तो चादर के लिए ₹50 अदा करने होंगे. चादर के साथ तकिया लेते हैं तो उसके लिए ₹100 देने होंगे. सिर्फ कंबल के लिए आपको ₹100 अदा करने होंगे. वहीं अगर यात्री  कंबल के साथ चादर लेता है तो उसको ₹200 अदा करने होंगे.

नई दिल्ली स्टेशन पर 15 फरवरी को हो चुकी है शुरुआत
बताते चलें कि उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल की ओर से 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यूवी आधारित सैनेटाइजर मशीन और डिस्पोजल जर्म फ्री ‌‍बेडरोल किट का उद्घाटन किया गया था. महाप्रबंधक ने रेल यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मुहैया कराने के मकसद से इसकी शुरुआत करन ‌की बात ‌कही‌ थी.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यात्रियों को यह सुविधा वाजिब दामों पर मुहैया कराई जाएगी. वहीं इन उत्पादों को रेल यात्रा के कोरोना निवारक उपायों हैंड सैनिटाइजर, हैंड वॉश, मास्क इत्यादि उत्पादों को भी नई दिल्ली के अलावा दिल्ली जंक्शन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कराने की बात कही थी. रेलवे को राजस्व के रूप में करीब 1 करोड रूपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है. नए इन्नोवेटिव गैर किराया राजस्व के अंतर्गत दो कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किए गए थे.







Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *