कन्वर्जन चार्ज जमा कराने को अब बैंक जाने की जरूरत नहीं! MCD ने दी ये सुविधा, बस करना होगा यह काम


चार्ज जमा कराने के लिए लोगों को अब बैंकों की लंबी लाइन में नहीं लगना होगा. 

चार्ज जमा कराने के लिए लोगों को अब बैंकों की लंबी लाइन में नहीं लगना होगा. 

नॉर्थ एमसीडी बिल्डिंग विभाग की ओर से व्यवसायिक और जमाकर्ताओं से कन्वर्जन चार्ज, डिमोलिशन चार्ज, सी एंड डी चार्ज, अतिरिक्त एफएआर आदि का चार्ज जमा कराने के लिए लोगों को अब बैंकों की लंबी लाइनों से बचाने का फैसला किया है. इन सभी लोगों को डिमांड ड्राफ्ट की जगह चेक जमा कराने की ‍सुविधा दी गई है. इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है.

नई दिल्ली. नार्थ दिल्ली नगर निगम (North Delhi Municipal Corporation) के भवन विभाग की ओर से व्यवसायिक और जमाकर्ताओं से कन्वर्जन चार्ज (Conversion Charge) , डिमोलिशन चार्ज (Demolition Charge), सी एंड डी चार्ज,  अतिरिक्त एफएआर आदि का चार्ज जमा कराने के लिए लोगों को अब बैंकों की लंबी लाइन में नहीं लगना होगा.

नॉर्थ एमसीडी बिल्डिंग विभाग की ओर से इन सभी लोगों को डिमांड ड्राफ्ट की जगह चेक जमा करने की ‍सुविधा दी गई है. इस संबंध में  बिल्डिंग विभाग की ओर से एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है. अब इन सभी असुविधाओं को दूर करते हुए शुल्क को चेक के जरिए भी जमा कराने का प्रावधान किया गया है.

नार्थ एमसीडी के नेता सदन योगेश कुमार वर्मा ने बताया इस विभाग के इस सर्कुलर से पहले इन शुल्कों को डिमाण्ड ड्राफ्ट के माध्यम से लिया जाता था. इससे व्यवसायियों/जमाकर्ताओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था.

वहीं, डिमाण्ड ड्राफ्ट (Demand Draft) बनवाने के लिए उन्हें अतिरिक्त चार्ज देना होता था और इसके लिए बैंकों में लाइन में भी लगना पड़ता था. इन सभी असुविधाओं से निजात दिलाने हेतु निगम द्वारा इन शुल्कों को चैक के माध्यम से भी जमा करवाने का प्रावधान किया गया है.वर्मा ने बताया कि जोनल भवन विभाग का टैक्स क्लर्क जमाकर्ताओं से चैक/डिमाण्ड ड्राफ्ट के बदले जमाकर्ता को उसी समय उसकी रसीद देगा और साथ में वह यह भी देखेगा कि जमाकर्ता से जो चैक/डिमाण्ड ड्राफ्ट लिया गया है, के बैक साइड में उसका मोबाइल नं. व घर का पता भी अवश्य लिखा होना चाहिए.

इसके अलावा टैक्स क्लर्क द्वारा चैक के बैक साइड में एक स्टाम्प लगायी जाएगी जिसमें हेड ऑफ अकाउंट अंकित रहेगा.

उन्होंने बताया कि टैक्स क्लर्क द्वारा प्रत्येक दिन के अपराह्न 3 बजे तक जो भी चैक/डिमाण्ड ड्राफ्ट जमा होंगे, को हेडवाईज लगाकर उनका चालान तैयार करके उन्हें जोनल निगम कोष में जमा करवायेगा तथा टैक्स क्लर्क प्रत्येक चालान की एक प्रति स्वयं रखेगा. साथ ही चैक की प्रविष्टि के लिए एक रजिस्टर भी मेनटेन करेगा ताकि भविष्य में जोनल भवन विभाग में इसका परस्पर रिकाॅर्ड बना रहे.

उन्होंने यह भी बताया कि यदि जमाकर्ता द्वारा जो चैक/डिमाण्ड ड्राफ्ट जमा कराया गया है, वह बैंक में बाउंस होता है तो जोनल अधिशासी अभियंता-भवन विभाग द्वारा उनके खिलाफ वसूली के लिए जरूरी कार्रवाई भी की जाएगी.







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